Monday, November 5, 2018

अमृतसर रेल हादसा #अमृतसर रेल हादसा #DussheraTragedy #Social Message #पढ़िए पूरी खबर हिंदी मैं ..!


दोस्तो दुनिया भर मैं हमारा  देश भारत ही  हैजो भिन भिन प्रकर के धर्म, संस्कृत बाषाओ  और तेव्हारो का प्रतीत  हैभले ही  यह  धर्म और भाषाएँ हमे एक दूजे  के रीती  रिवाज़ो से अलग करते  हैपर हमारे देश मैं ये तेव्हार ही हैं, जिसे  हमरी एकता और भाईचारे  का प्रतिक मान जाता हैदोस्तो अब बात  तेव्हारो की हो रही हैंतो  हम बत करते  हैहमारे देश मैं मनाये  जाने वाले  सब्से बडे तेव्हारो मैं से है,एक # दशहरा की, जिस दीन प्रभु श्री #राम चंद्र जी ने   रावण का वध  करते हुए  ये बतया था | चाहे  बुराई  कितनी भी शक्ति शाली क्यू हो उस्पर अच्छाई की जीत  निसंधे  होती ही  है।
         तब  से लेके  आज तक उसी दिन को  याद करते हुए, हम रावण देहेन करते हैंइस दृश्य को देखने  के लिए हर  धर्म का इंसान रावण देहेन मैं शमिल होता है, और अपनी खुशी वयक्त करते हैंपर क्या हो जब ऐसे  ख़ुशी के  महोल मैं  कोई तेज़ राफ्टर ट्रेन कही लोगो की लाशे बिचते हू चाले जाये  एसा ही  कुच हुआ 19 अक्टूबर 200 9 याने इस  सल दशहरा के दीनजब # अमृतसर के जोडा फाटक पे एके तेज़ रफ़्तार यात्री ट्रेन ने रावण दहन मैं आये  हुए लोगो को अपनी चैपेट मैं ले लिया| जिसमे सरकारी आकडे  60 से ज़्यादा लोगो की मृत्यु और 150 से ज़ायदा लोगो के घयाल होन की पुष्ती के चुके है।
दोस्तो अब जनेगे के ये  हादास कह पर हुआ और  किस्की ला परवाही के वजाह से हुआ। दोस्तों  ये जगह जोड़ा फाटक  अमृतसर मैं, विशेष रूप से बात करे  तो ये   अमृतसर कैंट के पास हैं, और अपकी आस्नी के लिय बतला दू  के ये जगहा वागाह  सीमा के पास आतरि  से 31 किमी की दुरी पर है। जोड़ा फाटक  रेलवे के # जलंधर # अमृतसर के मुख मर्ग पार आता  है। दोस्तो अब समजेंगे  इस बात को आखिर हादसा हुआ कैसे, ये गाडी संख्या 74634  जलंधर # अमृतसर # डीएमयू पासेंजर ट्रेन, हर  रोज़ 17 :10 पर जालंधर स्टेशन से अपने निर्धारित समय पर अमृतसर लिए चलती हैं  और ऐसा ही हुआ  था 1 9 अक्टूबर 2018  याने दशेरा  वेले दीन। ट्रैन  अपने सामान्य समय के म्यूताबिक रवाना हुई, और इधर जोड़ा फाटक  के पास दशेरा  का अयोधन वाहा के स्थानीय समाज कार्यकर्ता और कांग्रेस के नेता  # सौरभ मदन मिट्ठू के दवरा राखा गया था। 6.15 पर  मिनट जब जनता का  हुजम, रावण दहन  के क्रियाकर्म के लीया वहा इखट्टा  होना शूरु हुआ और इस  कार्यक्रम  के लिए, बतौर मुख्या अथिति  "नवजूट कौर  सिद्धू" अब आपको ये भी पहले बतला दे नवजोत कौर सिद्धू कोन है| ये ये पूर्व क्रिकेटर  और अब राजनीती मैं सक्रिया नेता "नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी  है। और वो खुद आज के समय मैं कांग्रेस की नेता है। वैसे   पर बहुत से मीडिया रिपोर्ट्स  की माने तो कहा ये जारहा हैं  के करकर्म का निर्दर्त समय शाम के 6:15 मिनट था पर इनके भाषण के चाल्ते समय बदल के शम 6:45 मिनट के होगया, इस्क बाद रावण देहें शुरू  हुआ और इधर अपने निर्धारित  समय पर चल राही डीएमयू यात्री रेल गाड़ी जोड़ा फाटक  के पास पाउची जिसके चलते वह फटाके की रौशनी और शोर बहोत ज़यादा था| और औपचारिक आकड़ो की माने मने तो इसके चलते वहा  5000  से ज़यादा की पब्लिक मौजूद थी और बात करे सिर्फ रेलवे ट्रैक की तो करीब लोगो  का मजमा जमा हुआ थाअब समय करीब था  7 बजे जब जोड़ा फाटक  गेट नंबर 27 पठानकोट-अमृतसर सेक्शन पर डीएमयू तेज राफ्टार से  वाहा  ट्रैक पर खड़े लोगो को उड़ाते हुए निकल गईबाद मैं इसके  लोको पायलट याने ट्रैन  के ड्राइवर , "अरविंद कुमार" ने अमृतसर स्टेशन पूछते ही इस दुर्घटना की जानकारी देते हुए अपने लिखित बयान मैं  ये कहा,  
"लोको पायलट अरविन्द कुमार का लिखित बयान" 
"मैं ड्राइवर  अरविंद कुमार ट्रेन नंबर 74643 का # लोकोपिलोट जिस्ने दीनक 1 9/11/2018 को जलंधर स्टेशन के प्लैट फॉर्म नंबर एक पर खडी गाडी डीपीसी-110 9 1 का निर्कशन क्रके चार्ज lलिया और गाड़ी   #juc याने  #जलंदर स्टेशन से  17/10 बाजे रवाना हुई और  18/46 मं पर r #asr  याने  # अमृतसर # रेलवे लाइन के पास स्टार्टर सिग्नल येलो , एडवांस सिग्नल होने पर  अमृतसर के लिय प्रस्थान लिय, गेट नंबर 28 पर डिस्टेंट   गेट सिग्नल ग्रीन  पास किया इसके बाद गेट नो  27 की डिस्टेंट वा दोनों गेट सिग्नल मैं डबल येलो  मैं लैगकर हॉर्न बाजेते हुए पास किआ। जैसे ही गाडी 503/11 के एस्पस पर पहुंची  समने से गाडी नं 13006 डाउन आरही थी, अचानक लोगो  का हुजुम ट्रैक के पास जमा देख  हॉर्न बजाते हुए  इमरजेंसी ब्रेक  लगाने पर भी  कुछ लॉग मेरी गाडी की चैपेट मैं आगए गाडी की गति लगबग रुकेन के करीब  थी| तो  लोगो का हुजुम मेरी गाडी पर  पथरो से हमला कर दीया। मेन मेरी गाड़ी मैं बैठे सवारियो की सुरक्षा को देखते हुए  गाडी को आगे बाध्य और होम  सिग्नल क्लियर  की स्तिथिमे, मैं अमृतसर स्टेशन गया.और इसकी सुचना मैंने सभी सम्बंधित आधकारियो को दे दी।तो ये था  लोको पायलट अविनाश कुमार का  बयांन  जिसे इसके बाद, लोको पायलट अविनाश कुमार को  # पंजाब पुलिस और # रेलवे # पॉलिस ने  हिरासत में ले लिया हैं  
और रेलवे राज्य मंत्री  # मनोज सिन्हा ने कह की रेल प्रबंदक को  आयोजन का समय  के साथ जगह की भी सुचना नहीं दी गई थी उधर आयोजक मदन  सिंह मिट्टू हादसे बाद  से फरर हैपर उन्होंने  बराबर एक सोशल मीडिया माध्यम से एक वीडियो जारी करते हुए कहा हैं ये एक राजनैतिक साजिस हैं  और उन्हें  फसाया जराहा है, ट्रेन अंचक से बहोत तेज रफ्तार मैं आई  और लोगो की लाशे बिछाते हुए चाले गाई| हमने  अपने तराफ से रावण देहेन वाली जगह पर करीब  150 मीटर का घेरा बनया हुआ था और लोगो को दासो बर चेतावनी भी दी   रेलवे ट्रैक वाली जगह से हाथ जाये |
 पर फिर भी ये दुखत घटना गत गई  और इस वह बहोत दुखी  है और सामने  स्तिथि  मैं नही है।  वही  अयोधन की मैं मुख्या  अतिथि नवजुट सिंह  सिद्धू ने आपने  कहा है के वे हादसे पहले ही वहा  से निकल चुकी थी और हादसे का पता चलते ही वो मारिजो को ढकने हॉस्पिटल पाउची| दूसरी तरफ हादसे   अगले दीन नवजूत सिंह सिद्धू  ने प्रेस रिलीज़  जारी करते हुए  ये कह के वो इस घटना, मैं पीड़ित  सभी मृतुको के बच्चो  को गोध लेंगे  और अनके जिवन,पढाई लिखे का खर्च भी वही उठाने को तैयार हैं। # पंजाब के मंत्री # कप्तान अमरदीप  ने घोषणा की हैं  कि मृतकों परिवार को पांच लाख मुआवजा और घायलों का मुफ्त इलज ककिया जायेगा उधर रेलवे अभि भी अपने बचाओ पक्ष  मैं हैं  और अबतक  कोई मुवजे का  ऐलान  भी नहीं किया गया  है।

दोस्ती  अगर हम समझे इस पुरे घटना क्रम को तो पता लगता हैं के ये  एक आओजान की चुक से हुई इस  सल की सब्स बड़ी  त्रासदी  और रेलवे हादसा है। जिस्मे कही पारिवार उजाड़ चुके हैं , इस  ममले से जुड़े हर एक पीड़ित कहे वो कोई भी धर्म या मज़हब से क्यू ना होउनके  किसे सुनकर हमारा दिल भर आता हैं  है। फिरबी दोस्तो आज इस दुःख  के महोल मैं भी लुक  लॉग है, जो अपनी राजनीती की दुकान  को चक्केन मैं लागे हुए हैं| जो इस देश लिए  बेहद ढक की बात हैं| इसपर  हम से आखिर  मैं ये ही कहेगे इस त्रासदी माहौल मैं राजनीती ना ढूढे और इससे कत्येहि  धर्म से जोड़े  और पीड़ितों  को मदत करने समने आये। 
और जेन से पहल एक बात और दोस्तो जान अपकी है और अपके परिवार की कही जिंदगीयो से जुडी हुई है| इसीलिए रेलवे फाटक पार करते वक़्त 

ट्रैक पर खड़े ना रहे  वक्त और गाडी चालेते वक़्त सचेत  रहे और यातायात नियामो का ज़रूरी ध्यान रखे, और रेलवे ट्रैक पर बहुल  से भी कभी खड़े रहे की गलती ना करेसोचिये अगर मृतक ये एक गलती ना करते तो वो आज हमर बिच और अपने परिवार के साथ होते। उम्मिद कृता हू अपको आप ब्लॉग पसंद  आया होगा, अगर आप इसे पसंद करते हैं, तो इससे ज़यादा से ज़यादा , शेयर करे  और अगर  इस टॉपिक का   वीडियो देखना चाहते  हैं तो इस लिंक पर क्लिक करे=>
https://www.youtube.com/edit?o=U&ar=1&video_id=lmzbu9gS8dc  और अगर विडो पसंद आये तो हमरे ट्रेंडिंग एवोलुशन  चॅनेल को सब्सक्राइब ज़रूर ज़रूर किजिएगा |

जबतक मैं आपका दोस्त और इस लेख का लेखक "तरीके शेख" आपसे विदा कहता हु, सो आई  ऍम  तरीके शेख साइनिंग ऑफ स्टे हेअल्थी, वेअल्थी एंड टेक केयर|